मृत्यु संग...... मृत्यु संग......
प्यार क्या है ये मैं कभी समझ ना पाया... प्यार क्या है ये मैं कभी समझ ना पाया...
घर में घर में
मध्यांतर में मध्यांतर में
शीशे में शीशे में
क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों में याद उसकी सुख दुःख ... क्या रिश्ता उससे मेरा है क्यूँ याद आती हर पल उसकी थम जाता दिल मेरा हैहर बातों मे...